लखनऊ:(MNI NEWS) यूपी के प्रयागराज में स्थित एक ज्योतिष पीठ के वर्तमान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एक अत्यंत गंभीर और अभूतपूर्व कानूनी संकट के भंवर में फंस गए हैं। एडीजे रेप एवं पॉक्सो स्पेशल कोर्ट के निर्देश पर उनके और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ यौन शोषण के सनसनीखेज आरोपों पर झूंसी थाने पर मुकदमा दर्ज किया गया है।आश्रम में रहने वाले नाबालिग बच्चों के साथ कथित तौर पर हुए दुर्व्यवहार और अश्लीलता के इस मामले ने पूरे देश के धार्मिक और सामाजिक हलकों में जबरदस्त हलचल मचा दी है। वहीं बच्चों से यौन शोषण इस मामले में आरोपों का सामना कर रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके एक शिष्य के खिलाफ प्रयागराज पुलिस ने जांच तेज कर दी है। जिससे स्वामी जी और उनके शिष्य की जहां मुश्किलें बढ़ सकती हैं।तो वहीं इस पूरे घटनाक्रम ने धार्मिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा छेड़ दी है। शंकराचार्य का पद हिंदू धर्म में अत्यंत सम्मानित माना जाता है और उनपर लगे इस तरह के आरोपों ने कई लोगों को हैरान कर दिया है।
हालांकि उनके समर्थकों का कहना है,कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है और वे उम्मीद करते हैं, कि सच्चाई सामने आएगी।अब सभी की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई और अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया पर टिकी है। यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक चर्चा में रह सकता है।यदि पुलिस गिरफ्तारी करती है, तो यह एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम होगा। वहीं यदि अदालत से राहत मिलती है, नहीं तो मामले की दिशा बदल सकती है। क्योंकि यह मामला न केवल एक मठ से जुड़ा हुआ है।बल्कि कानूनी,सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बन गया है। क्योंकि मामले में एक तरफ जहां यौन शोषण के गंभीर आरोप हैं,तो वहीं दूसरी तरफ आरोपी पक्ष खुद को निर्दोष बता रहा है।अब इस पूरे मामले में अंतिम सच्चाई जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगी।
उक्त प्रकरण में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा,कि अगर पुलिस हमें अरेस्ट करने के लिए एक्शन भी लेती है,तो भी हम उनका विरोध नहीं करेंगे। हम कोऑपरेट करेंगे। जनता सब देख रही है। झूठ आखिरकार सामने आ ही जाता है। कहानी झूठी साबित होगी,आज नहीं तो कल, कल नहीं तो परसों। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा, कि मैं कहीं भाग नहीं रहा हूं। पुलिस का सामना करूंगा। जिन छात्रों के यौन शोषण का आरोप लगा है,वे मेरे गुरुकुल के नहीं हैं। जनता को यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं। जहां भाजपा सरकार नहीं है,उस राज्य की पुलिस से जांच करवाए जाने की मांग की है। फिलहाल माना जा रहा है,कि गिरफ्तारी से बचने के लिए शंकराचार्य हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।फिलहाल सभी पक्ष कानून के तहत अपनी-अपनी तैयारी में जुटे हुए हैं और पूरे घटनाक्रम पर देशभर की नजर बनी हुई है।
