हापुड़: (प्रमोद शर्मा) मिलावटखोरी और घटिया खाद्य सामग्री पर लगाम कसने के दावों के बीच सोमवार को हापुड़ में अचानक हलचल मच गई, जब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की अंतरराज्यीय टीम ने दिल्ली रोड स्थित रविन्द्रा ऑयल मिल पर जोरदार छापेमारी कर दी। टीम ने मिल का दरवाजा बंद कर अंदर गहन जांच शुरू की तो आसपास के कारोबारियों में खलबली मच गई। विभागीय सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई लखनऊ मुख्यालय में दर्ज एक शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में तेल की गुणवत्ता और मानकों के उल्लंघन की आशंका जताई गई थी। इसी के बाद लखनऊ से विशेष टीम गठित कर हापुड़ भेजी गई। टीम के पहुंचते ही ऑयल मिल परिसर में अफसरों ने स्टॉक रजिस्टर, कच्चे माल, तैयार उत्पाद और पैकेजिंग यूनिट की बारीकी से जांच शुरू कर दी।
करीब कई घंटे चली इस कार्रवाई के दौरान तेल के अलग-अलग बैचों से नमूने लिए गए। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से उत्पादन प्रक्रिया और सप्लाई नेटवर्क के बारे में भी पूछताछ की। सैंपल को सील कर प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई। अफसरों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि तेल निर्धारित मानकों पर खरा उतरता है या नहीं। यदि गड़बड़ी मिली तो कड़ी वैधानिक कार्रवाई तय मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार टीम ने हापुड़ में तीन से चार अन्य प्रतिष्ठानों पर भी सैंपलिंग और निरीक्षण की कार्रवाई की।
हालांकि विभाग ने आधिकारिक रूप से अन्य नाम उजागर नहीं किए, लेकिन बाजार में चर्चा का माहौल गर्म है। कई कारोबारी अपने दस्तावेज दुरुस्त करने में जुट गए हैं, तो कुछ ने स्टॉक की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। हाल के दिनों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। ऐसे में इस छापेमारी को बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
विभागीय अधिकारियों का साफ कहना है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल पूरे मामले की निगरानी जारी है। अब सबकी निगाहें प्रयोगशाला रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि हापुड़ का तेल कारोबार पाक-साफ है या फिर यहां भी मिलावट की परतें खुलने वाली हैं।
